जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन के नेतृत्व में राजस्व वादों के निस्तारण में आया गुणात्मक सुधार
लेखक सतीश कुमार पाण्डेय
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जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन के नेतृत्व में राजस्व वादों के निस्तारण में आया गुणात्मक सुधार
6 मई से 23 सितंबर 2026 तक जनपद के विभिन्न न्यायालयों में 18,535 राजस्व वादों का हुआ निस्तारण
सतीश कुमार पाण्डेय मऊ
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन के कुशल नेतृत्व एवं निरंतर प्रभावी अनुश्रवण से जनपद के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण में उल्लेखनीय तेजी आई है। जिलाधिकारी द्वारा सभी पीठासीन अधिकारियों को नियमित रूप से न्यायालय संचालित करते हुए पुराने एवं लंबित राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिनांक 06 मई 2026 को जनपद के समस्त 25 राजस्व न्यायालयों में कुल 16,368 वाद निस्तारण हेतु लंबित थे। इसके पश्चात 23 सितंबर 2026 तक विभिन्न न्यायालयों में 17,331 नए वाद योजित हुए। इस प्रकार इस अवधि में कुल 33,699 वाद निस्तारण हेतु लंबित रहे, जिनमें से 18,535 वादों का निस्तारण किया जा चुका है। फलस्वरूप 23 सितंबर 2026 को जनपद के समस्त न्यायालयों में कुल 15,164 वाद लंबित हैं।
जिलाधिकारी न्यायालय में 06 मई 2026 को कुल 422 वाद लंबित थे। 23 सितंबर 2026 तक 197 नए वाद दायर हुए, जबकि इसी अवधि में 287 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार जिलाधिकारी न्यायालय में प्रारंभिक लंबित वादों की तुलना में 90 वादों की शुद्ध कमी दर्ज की गई।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) न्यायालय में 06 मई 2026 को 530 वाद लंबित थे। इस अवधि में 207 नए वाद दायर हुए तथा 100 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार 23 सितंबर 2026 को न्यायालय में 637 वाद लंबित रहे।
मुख्य राजस्व अधिकारी न्यायालय में 06 मई 2026 को 813 वाद लंबित थे। 23 सितंबर तक 133 नए वाद दायर हुए, जबकि 226 वादों का निस्तारण किया गया। परिणामस्वरूप लंबित वादों में 93 की शुद्ध कमी दर्ज की गई।
जनपद स्तरीय अपर उप जिलाधिकारी न्यायालय में 06 मई 2026 को 582 वाद लंबित थे। इस अवधि में 263 नए वाद दायर हुए तथा 385 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार लंबित वादों में 122 की शुद्ध कमी दर्ज की गई।
इसी प्रकार जनपद की विभिन्न तहसीलों में उप जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों में भी लंबित राजस्व वादों के निस्तारण की गति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने समस्त न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि न्यायालयों का अधिक से अधिक प्रभावी संचालन करते हुए अधिवक्ताओं से समन्वय स्थापित कर लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से 5 वर्ष एवं 3 वर्ष से अधिक पुराने लंबित वादों का यथाशीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन राजस्व वादों के निस्तारण के लिए निर्धारित समय-सीमा तय है, उनका निस्तारण प्रत्येक दशा में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। समय-सीमा के उपरांत भी वाद लंबित पाए जाने पर संबंधित पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व वादों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में है। इसका सीधा लाभ आमजन को मिलेगा तथा उन्हें अपने मामलों के संबंध में बार-बार न्यायालयों के चक्कर लगाने से राहत प्राप्त होगी।
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